Our Work
शोषण-मुक्त गौ-सेवा
हम पारंपरिक डेयरी मॉडल के सख्त खिलाफ हैं। हमारा ध्यान दूध के उत्पादन पर नहीं, बल्कि गाय के सम्मान पर है।
प्राकृतिक जीवन: यहाँ गायों को ‘दूध की मशीन’ नहीं समझा जाता। हम कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) और रसायनों का पूर्ण बहिष्कार करते हैं।
बछड़ों का अधिकार: हमारी गौशाला में दूध पर पहला और पूरा अधिकार बछड़े का है।
रिटायरमेंट विद डिग्निटी: जो गाय दूध नहीं देती, उसकी सेवा भी उसी श्रद्धा से की जाती है जैसे किसी अन्य की। यहाँ ‘अनुत्पादक’ जैसा कोई शब्द नहीं है।
आपातकालीन रेस्क्यू और चिकित्सा
रीवा और आसपास के क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं या बीमारी से तड़पते जीवों के लिए हम एक सुरक्षा कवच हैं।
रेस्क्यू टीम: हमारी टीम सूचना मिलते ही घायल नंदी, गायों और अन्य पशुओं को सुरक्षित स्थान पर लाती है।
प्लास्टिक मुक्ति अभियान: सड़कों पर प्लास्टिक खाने से बीमार हुई गायों का विशेष उपचार और उनकी सर्जरी की व्यवस्था करना।
24/7 निगरानी: बीमार और वृद्ध पशुओं के लिए विशेष वार्ड और अनुभवी सहायकों की देखरेख।
वीगन जागरूकता अभियान
हम जानते हैं कि जब तक मांग (Demand) कम नहीं होगी, शोषण (Cruelty) बंद नहीं होगा। इसलिए हम समाज की सोच बदलने पर काम कर रहे हैं।
सत्य का प्रसार: हम डेयरी उद्योग की क्रूरता और उसके पीछे के अर्थशास्त्र के बारे में लोगों को जागरूक करते हैं।
अहिंसक विकल्प: लोगों को पौधों पर आधारित दूध (सोया, नारियल, बादाम) और वीगन जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना।
युवा चेतना: स्कूलों और कॉलेजों में कार्यशालाएं आयोजित करना ताकि अगली पीढ़ी जीवों के प्रति अधिक संवेदनशील बने।
पर्यावरण संरक्षण
हमारा मानना है कि पशुओं की रक्षा तब तक अधूरी है जब तक उनकी प्रकृति सुरक्षित नहीं है। हम एक ऐसा ‘हरित केंद्र’ विकसित कर रहे हैं जहाँ जीव और प्रकृति एक साथ फल-फूल सकें।
वृक्षारोपण अभियान (Massive Plantation): हम गौशाला परिसर और चोरगड़ी के आसपास की भूमि पर नीम, पीपल, बरगद और जामुन जैसे औषधीय एवं फलदार वृक्षों का रोपण करते हैं।
जल संरक्षण (Water Harvesting): वर्षा जल संचयन, तालाब के माध्यम से हम भू-जल स्तर को बनाए रखने और पशुओं के लिए साल भर शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं।
शून्य अपशिष्ट (Zero Waste): हम प्लास्टिक का यथासंभव बहिष्कार करते हैं और पशुओं के चारे के अवशेषों से उच्च गुणवत्ता वाली ‘केंचुआ खाद’ तैयार कर धरती की उर्वरता बढ़ाते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
हमारी गौशाला रीवा (मध्य प्रदेश) के चोरगड़ी गांव में स्थित है। आप गूगल मैप्स पर “Chorgadi Gaushala” सर्च करके आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं। आप प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच दर्शन के लिए आ सकते हैं।
वर्तमान में हम 350+ बेसहारा, वृद्ध और बीमार गायों की सेवा कर रहे हैं। हम लगातार अपनी क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि और अधिक गौ-वंश को आश्रय मिल सके।
आप हमारी वेबसाइट पर दिए गए ‘Donate Now’ बटन के माध्यम से ऑनलाइन (UPI, नेट बैंकिंग, कार्ड) दान कर सकते हैं। इसके अलावा, आप सीधे हमारे बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं या गौशाला आकर रसीद कटवा सकते हैं।
जी हाँ! आप हरा चारा, भूसा, गुड़, या गायों के लिए जरूरी दवाइयां सीधे गौशाला आकर भेंट कर सकते हैं। कृपया आने से पहले हमारे हेल्पलाइन नंबर 9981470199 पर संपर्क करें ताकि हम जरूरत के अनुसार आपको सही जानकारी दे सकें।
इस सेवा के तहत आप किसी एक गाय के पूर्ण भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठा सकते हैं। आप प्रतिमाह या प्रतिवर्ष एक निश्चित राशि देकर उस गाय के “पालक” बन सकते हैं। हम आपको उस गाय की फोटो और स्वास्थ्य रिपोर्ट समय-समय पर भेजते रहेंगे।
अवश्य! यह हमारे सबसे लोकप्रिय कार्यक्रमों में से एक है। आप अपने विशेष दिनों पर पूरे गौ-वंश के लिए विशेष भोजन (जैसे दलिया, गुड़, हरा चारा) प्रायोजित कर सकते हैं।
